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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3091

नंबर 3091किताब 21, नंबर 3
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عِيسَى، وَمُسَدَّدٌ، - الْمَعْنَى - قَالاَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنِ الْعَوَّامِ بْنِ حَوْشَبٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ السَّكْسَكِيِّ، عَنْ أَبِي بُرْدَةَ، عَنْ أَبِي مُوسَى، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم غَيْرَ مَرَّةٍ وَلاَ مَرَّتَيْنِ يَقُولُ ‏ "‏ إِذَا كَانَ الْعَبْدُ يَعْمَلُ عَمَلاً صَالِحًا فَشَغَلَهُ عَنْهُ مَرَضٌ أَوْ سَفَرٌ كُتِبَ لَهُ كَصَالِحِ مَا كَانَ يَعْمَلُ وَهُوَ صَحِيحٌ مُقِيمٌ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abu Musa:I heard the Prophet (ﷺ) many times say: When a servant of Allah is accustomed to do a good work, then becomes ill or goes on journey, what was accustomed to do when he was well and staying at home will be recorded for him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (2996)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।