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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3081

नंबर 3081किताब 20, नंबर 154
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ بَكَّارِ بْنِ بِلاَلٍ، أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عِيسَى، - يَعْنِي ابْنَ سُمَيْعٍ - حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ وَاقِدٍ، حَدَّثَنِي أَبُو عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ مُعَاذٍ، أَنَّهُ قَالَ مَنْ عَقَدَ الْجِزْيَةَ فِي عُنُقِهِ فَقَدْ بَرِئَ مِمَّا عَلَيْهِ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Narrated Mu'adh ibn Jabal: He who put the necklace of jizyah in his neck abandoned the way followed by the Messenger of Allah (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Tribute, Spoils, and Rulership (Kitab Al-Kharaj, Wal-Fai' Wal-Imarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।