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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3078

नंबर 3078किताब 20, नंबर 151
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي مَالِكٌ، قَالَ هِشَامٌ الْعِرْقُ الظَّالِمُ أَنْ يَغْرِسَ الرَّجُلُ فِي أَرْضِ غَيْرِهِ فَيَسْتَحِقَّهَا بِذَلِكَ ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ وَالْعِرْقُ الظَّالِمُ كُلُّ مَا أُخِذَ وَاحْتُفِرَ وَغُرِسَ بِغَيْرِ حَقٍّ ‏.‏
Hisham said “The unjust vein means that a man implants a tree in the land of another man so that they may be entitled to it. Malik said “The unjust vein means that a man takes (a thing) digs a pit and implants a tree without (his) right
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MaqtuAl-Albani
  • Sahih MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Tribute, Spoils, and Rulership (Kitab Al-Kharaj, Wal-Fai' Wal-Imarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।