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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3065

नंबर 3065किताब 20, नंबर 138
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ مُحَمَّدُ بْنُ الْحَسَنِ الْمَخْزُومِيُّ ‏ "‏ مَا لَمْ تَنَلْهُ أَخْفَافُ الإِبِلِ ‏"‏ يَعْنِي أَنَّ الإِبِلَ تَأْكُلُ مُنْتَهَى رُءُوسِهَا وَيُحْمَى مَا فَوْقَهُ ‏.‏
Muhammad bin Al hasan Al Mukhzumi said “The sentence “that which is not reached by the Camel hoofs” means that the Camels eat (the arak trees) within the reach of their heads. So the land (where the arak trees are growing) may be protected beyond such a region
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAl-Albani
  • Very DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Tribute, Spoils, and Rulership (Kitab Al-Kharaj, Wal-Fai' Wal-Imarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।