सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3038

नंबर 3038किताब 20, नंबर 111
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ مُعَاذٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم لَمَّا وَجَّهَهُ إِلَى الْيَمَنِ أَمَرَهُ أَنْ يَأْخُذَ مِنْ كُلِّ حَالِمٍ - يَعْنِي مُحْتَلِمًا - دِينَارًا أَوْ عِدْلَهُ مِنَ الْمَعَافِرِيِّ ثِيَابٌ تَكُونُ بِالْيَمَنِ ‏.‏
Narrated Mu'adh ibn Jabal: When the Prophet (ﷺ) sent him to the Yemen, he ordered to take from everyone who had reached puberty one dinar or its equivalent in Mu'afiri garment of Yemen origin
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Tribute, Spoils, and Rulership (Kitab Al-Kharaj, Wal-Fai' Wal-Imarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।