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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3023

नंबर 3023किताब 20, नंबर 96
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ الصَّبَّاحِ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - يَعْنِي ابْنَ عَبْدِ الْكَرِيمِ - حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ عَقِيلِ بْنِ مَعْقِلٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ وَهْبِ بْنِ مُنَبِّهٍ، قَالَ سَأَلْتُ جَابِرًا هَلْ غَنِمُوا يَوْمَ الْفَتْحِ شَيْئًا قَالَ لاَ ‏.‏
Wahb bin Munabbih said “I sked Jabir “Did they get any booty on the day of conquest (of Makkah)? He replied, No
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Sahih IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Tribute, Spoils, and Rulership (Kitab Al-Kharaj, Wal-Fai' Wal-Imarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।