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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2991

नंबर 2991किताब 20, नंबर 64
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ عَامِرٍ الشَّعْبِيِّ، قَالَ كَانَ لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم سَهْمٌ يُدْعَى الصَّفِيَّ إِنْ شَاءَ عَبْدًا وَإِنْ شَاءَ أَمَةً وَإِنْ شَاءَ فَرَسًا يَخْتَارُهُ قَبْلَ الْخُمُسِ ‏.‏
‘Amir Al Sha’bi said “The Prophet (ﷺ) had a special portion in the booty called safi. This would be a slave if he desired or a slave girl if he desired or a horse if he desired. He would choose it before taking out the fifth.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Tribute, Spoils, and Rulership (Kitab Al-Kharaj, Wal-Fai' Wal-Imarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।