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सुनन अबू दाऊद

नंबर 945

नंबर 945किताब 2, नंबर 556
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَبِي الأَحْوَصِ، - شَيْخٍ مِنْ أَهْلِ الْمَدِينَةِ - أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا ذَرٍّ، يَرْوِيهِ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا قَامَ أَحَدُكُمْ إِلَى الصَّلاَةِ فَإِنَّ الرَّحْمَةَ تُوَاجِهُهُ فَلاَ يَمْسَحِ الْحَصَى ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuDharr: The Prophet (ﷺ) said: When one of you gets up to pray, he must not remove pebbles, for mercy is facing him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।