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सुनन अबू दाऊद

नंबर 896

नंबर 896किताब 2, नंबर 506
حَدَّثَنَا الرَّبِيعُ بْنُ نَافِعٍ أَبُو تَوْبَةَ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، قَالَ وَصَفَ لَنَا الْبَرَاءُ بْنُ عَازِبٍ فَوَضَعَ يَدَيْهِ وَاعْتَمَدَ عَلَى رُكْبَتَيْهِ وَرَفَعَ عَجِيزَتَهُ وَقَالَ هَكَذَا كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَسْجُدُ ‏.‏
Narrated Al-Bara' ibn Azib: Al-Bara' described to us (the nature of prostration). He placed his hands (palms), reclined on his knees, and raised his hips; he said: This is how the Messenger of Allah (ﷺ) used to prostrate himself
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।