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सुनन अबू दाऊद

नंबर 881

नंबर 881किताब 2, नंबर 491
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ دَاوُدَ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ ثَابِتٍ الْبُنَانِيِّ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ صَلَّيْتُ إِلَى جَنْبِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي صَلاَةِ تَطَوُّعٍ فَسَمِعْتُهُ يَقُولُ ‏ "‏ أَعُوذُ بِاللَّهِ مِنَ النَّارِ وَيْلٌ لأَهْلِ النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuLayla al-Ansari: I prayed by the side of the Messenger of Allah (ﷺ) in the supererogatory prayer and I heard him say: "I refuge in Allah from the Hell-Fire; woe to the inmates of the Hell-fire
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।