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सुनन अबू दाऊद

नंबर 869

नंबर 869किताब 2, नंबर 479
حَدَّثَنَا الرَّبِيعُ بْنُ نَافِعٍ أَبُو تَوْبَةَ، وَمُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، - الْمَعْنَى - قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ مُوسَى، - قَالَ أَبُو سَلَمَةَ مُوسَى بْنِ أَيُّوبَ - عَنْ عَمِّهِ، عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ، قَالَ لَمَّا نَزَلَتْ ‏{‏ فَسَبِّحْ بِاسْمِ رَبِّكَ الْعَظِيمِ ‏}‏ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ اجْعَلُوهَا فِي رُكُوعِكُمْ ‏"‏ ‏.‏ فَلَمَّا نَزَلَتْ ‏{‏ سَبِّحِ اسْمَ رَبِّكَ الأَعْلَى ‏}‏ قَالَ ‏"‏ اجْعَلُوهَا فِي سُجُودِكُمْ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Uqbah ibn Amir: When "Glorify the name of your mighty Lord" was revealed, the Messenger of Allah (ﷺ) said: Use it when bowing, and when "Glorify the name of your most high Lord" was revealed, he said: Use it when prostrating yourself
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।