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सुनन अबू दाऊद

नंबर 849

नंबर 849किताब 2, नंबर 459
حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا أَسْبَاطٌ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ عَامِرٍ، قَالَ لاَ يَقُولُ الْقَوْمُ خَلْفَ الإِمَامِ سَمِعَ اللَّهُ لِمَنْ حَمِدَهُ وَلَكِنْ يَقُولُونَ رَبَّنَا لَكَ الْحَمْدُ ‏.‏
‘Amir said:The people behind the imam should not say: “Allah listens to him who praises Him.” But they should say: “ Our Lord, to Thee be the praise.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan MaqtuAl-Albani
  • Hasan MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।