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सुनन अबू दाऊद

नंबर 819

नंबर 819किताब 2, नंबर 429
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى الرَّازِيُّ، أَخْبَرَنَا عِيسَى، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مَيْمُونٍ الْبَصْرِيِّ، حَدَّثَنَا أَبُو عُثْمَانَ النَّهْدِيُّ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اخْرُجْ فَنَادِ فِي الْمَدِينَةِ أَنَّهُ لاَ صَلاَةَ إِلاَّ بِقُرْآنٍ وَلَوْ بِفَاتِحَةِ الْكِتَابِ فَمَا زَادَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah reported the Messenger of Allah (ﷺ) as saying:Go out and announce in medina that prayer is not valid but the recitation of the Qur’an even though it might be fatihat al-kitab and something more
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • MunkarMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।