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सुनन अबू दाऊद

नंबर 801

नंबर 801किताब 2, नंबर 411
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ بْنُ زِيَادٍ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ عُمَارَةَ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ أَبِي مَعْمَرٍ، قَالَ قُلْنَا لِخَبَّابٍ هَلْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقْرَأُ فِي الظُّهْرِ وَالْعَصْرِ قَالَ نَعَمْ ‏.‏ قُلْنَا بِمَ كُنْتُمْ تَعْرِفُونَ ذَاكَ قَالَ بِاضْطِرَابِ لِحْيَتِهِ ‏.‏
Abu Ma’mar said:We asked Khabbab: Did the Messenger of Allah (ﷺ) recit (the Quran) in the noon and afternoon prayers? He replied: Yes. We then asked: How did you know this? He said: By the shaking of his beard, may peace be upon him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (746)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।