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सुनन अबू दाऊद

नंबर 797

नंबर 797किताब 2, नंबर 407
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ قَيْسِ بْنِ سَعْدٍ، وَعُمَارَةَ بْنِ مَيْمُونٍ، وَحَبِيبٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي رَبَاحٍ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ، قَالَ فِي كُلِّ صَلاَةٍ يُقْرَأُ فَمَا أَسْمَعَنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَسْمَعْنَاكُمْ وَمَا أَخْفَى عَلَيْنَا أَخْفَيْنَا عَلَيْكُمْ ‏.‏
Abu Hurairah said:In every prayer there is a recitation. We make you listen what the Messenger of Allah(ﷺ) made us listen, and we keep hidden from you what he kept hidden from us
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (772) Sahih Muslim (396)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।