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सुनन अबू दाऊद

नंबर 762

नंबर 762किताब 2, नंबर 372
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، حَدَّثَنَا شُرَيْحُ بْنُ يَزِيدَ، حَدَّثَنِي شُعَيْبُ بْنُ أَبِي حَمْزَةَ، قَالَ قَالَ لِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُنْكَدِرِ وَابْنُ أَبِي فَرْوَةَ وَغَيْرُهُمَا مِنْ فُقَهَاءِ أَهْلِ الْمَدِينَةِ فَإِذَا قُلْتَ أَنْتَ ذَاكَ فَقُلْ ‏"‏ وَأَنَا مِنَ الْمُسْلِمِينَ ‏"‏ ‏.‏ يَعْنِي قَوْلَهُ ‏"‏ وَأَنَا أَوَّلُ الْمُسْلِمِينَ ‏"‏ ‏.‏
Shu’aib b. Abi Hamzah said:Ibn al-Munkadir, Ibn Abi Farwah and a number of jurists of Madina said to me: When you recite the supplication “I am first of the Muslims,” say instead; “I am one of the Muslims”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MaqtuAl-Albani
  • Sahih MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।