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सुनन अबू दाऊद

नंबर 754

नंबर 754किताब 2, नंबर 364
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ، أَخْبَرَنَا أَبُو أَحْمَدَ، عَنِ الْعَلاَءِ بْنِ صَالِحٍ، عَنْ زُرْعَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ الزُّبَيْرِ، يَقُولُ صَفُّ الْقَدَمَيْنِ وَوَضْعُ الْيَدِ عَلَى الْيَدِ مِنَ السُّنَّةِ ‏.‏
Zur’ah b. ‘Abd al-Rahman said:I heard Ibn al-Zubair say: Setting the feet right and placing one hand on the other is a sunnah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।