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सुनन अबू दाऊद

नंबर 752

नंबर 752किताब 2, नंबर 362
حَدَّثَنَا حُسَيْنُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَخْبَرَنَا وَكِيعٌ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ أَخِيهِ، عِيسَى عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنِ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَفَعَ يَدَيْهِ حِينَ افْتَتَحَ الصَّلاَةَ ثُمَّ لَمْ يَرْفَعْهُمَا حَتَّى انْصَرَفَ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ هَذَا الْحَدِيثُ لَيْسَ بِصَحِيحٍ ‏.‏
Narrated Al-Bara' ibn Azib: I saw that the Messenger of Allah (ﷺ) raised his hands when he began prayer, but he did not raise them until he finished (prayer). Abu Dawud said: This tradition is not sound
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।