सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 732

नंबर 732किताब 2, नंबर 342
حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ إِبْرَاهِيمَ الْمِصْرِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ مُحَمَّدٍ الْقُرَشِيِّ، وَيَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ حَلْحَلَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عَطَاءٍ، نَحْوَ هَذَا قَالَ فَإِذَا سَجَدَ وَضَعَ يَدَيْهِ غَيْرَ مُفْتَرِشٍ وَلاَ قَابِضِهِمَا وَاسْتَقْبَلَ بِأَطْرَافِ أَصَابِعِهِ الْقِبْلَةَ ‏.‏
The above mentioned tradition has also been reported by Muhammad b. ‘Amr b. ‘Ata’ through a different chain of narrators. This version adds:“When he prostrated himself he neither placed his arms on the ground nor closed them; putting forward his fingers towards the qiblah.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (828)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।