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सुनन अबू दाऊद

नंबर 706

नंबर 706किताब 2, नंबर 316
حَدَّثَنَا كَثِيرُ بْنُ عُبَيْدٍ يَعْنِي الْمَذْحِجِيَّ، حَدَّثَنَا أَبُو حَيْوَةَ، عَنْ سَعِيدٍ، بِإِسْنَادِهِ وَمَعْنَاهُ زَادَ فَقَالَ ‏"‏ قَطَعَ صَلاَتَنَا قَطَعَ اللَّهُ أَثَرَهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ وَرَوَاهُ أَبُو مُسْهِرٍ عَنْ سَعِيدٍ قَالَ فِيهِ ‏"‏ قَطَعَ صَلاَتَنَا ‏"‏ ‏.‏
This tradition as also been reported by Sa’id through the same chain of narrators and to the same effect. He added:He cut off our prayer, may Allah cut off his walking. Abu Dawud said: This version narrated by Mushir on the authority of Sa’id has: He cut off our prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।