सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 693

नंबर 693किताब 2, नंबर 303
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ الدِّمَشْقِيُّ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَيَّاشٍ، حَدَّثَنَا أَبُو عُبَيْدَةَ الْوَلِيدُ بْنُ كَامِلٍ، عَنِ الْمُهَلَّبِ بْنِ حُجْرٍ الْبَهْرَانِيِّ، عَنْ ضُبَاعَةَ بِنْتِ الْمِقْدَادِ بْنِ الأَسْوَدِ، عَنْ أَبِيهَا، قَالَ مَا رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُصَلِّي إِلَى عُودٍ وَلاَ عَمُودٍ وَلاَ شَجَرَةٍ إِلاَّ جَعَلَهُ عَلَى حَاجِبِهِ الأَيْمَنِ أَوِ الأَيْسَرِ وَلاَ يَصْمُدُ لَهُ صَمْدًا ‏.‏
Narrated Al-Miqdad ibn al-Aswad: I never saw the Messenger of Allah (ﷺ) praying in front of a stick, a pillar, or a tree, without having it opposite his right or left eyebrow, and not facing it directly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।