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सुनन अबू दाऊद

नंबर 691

नंबर 691किताब 2, नंबर 301
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ الزُّهْرِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، قَالَ رَأَيْتُ شَرِيكًا صَلَّى بِنَا فِي جَنَازَةٍ الْعَصْرَ فَوَضَعَ قَلَنْسُوَتَهُ بَيْنَ يَدَيْهِ - يَعْنِي - فِي فَرِيضَةٍ حَضَرَتْ ‏.‏
Sufyan b. 'Uyainah said:I saw Sharik who led us in the 'Asr prayer during a funeral ceremony. He placed his cap in front of him, that is, for saying the obligatory prayer the time of which had come
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MaqtuAl-Albani
  • Sahih MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।