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सुनन अबू दाऊद

नंबर 672

नंबर 672किताब 2, नंबर 282
حَدَّثَنَا ابْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ، حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ يَحْيَى بْنِ ثَوْبَانَ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَمِّي، عُمَارَةُ بْنُ ثَوْبَانَ عَنْ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خِيَارُكُمْ أَلْيَنُكُمْ مَنَاكِبَ فِي الصَّلاَةِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ جَعْفَرُ بْنُ يَحْيَى مِنْ أَهْلِ مَكَّةَ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: The Prophet (ﷺ) said: The best of you are those whose shoulders are soft in prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।