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सुनन अबू दाऊद

नंबर 665

नंबर 665किताब 2, नंबर 275
حَدَّثَنَا ابْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ، حَدَّثَنَا حَاتِمٌ، - يَعْنِي ابْنَ أَبِي صَغِيرَةَ - عَنْ سِمَاكٍ، قَالَ سَمِعْتُ النُّعْمَانَ بْنَ بَشِيرٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُسَوِّي صُفُوفَنَا إِذَا قُمْنَا لِلصَّلاَةِ فَإِذَا اسْتَوَيْنَا كَبَّرَ ‏.‏
Narrated An-Nu'man ibn Bashir: The Messenger of Allah (ﷺ) used to straighten our rows when we stood up to pray, and when we were straight, he said: Allah is most great (takbir)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।