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सुनन अबू दाऊद

नंबर 632

नंबर 632किताब 2, नंबर 242
حَدَّثَنَا الْقَعْنَبِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ، - يَعْنِي ابْنَ مُحَمَّدٍ - عَنْ مُوسَى بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ الأَكْوَعِ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي رَجُلٌ أَصِيدُ أَفَأُصَلِّي فِي الْقَمِيصِ الْوَاحِدِ قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ وَازْرُرْهُ وَلَوْ بِشَوْكَةٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Salamah ibn al-Akwa': I said: Messenger of Allah, I am a man who goes out hunting; may I pray in a single shirt? He replied: Yes, but fasten it even if it should be with a thorn
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।