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सुनन अबू दाऊद

नंबर 619

नंबर 619किताब 2, नंबर 229
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنِ ابْنِ عَجْلاَنَ، حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ حَبَّانَ، عَنِ ابْنِ مُحَيْرِيزٍ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ أَبِي سُفْيَانَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تُبَادِرُونِي بِرُكُوعٍ وَلاَ بِسُجُودٍ فَإِنَّهُ مَهْمَا أَسْبِقْكُمْ بِهِ إِذَا رَكَعْتُ تُدْرِكُونِي بِهِ إِذَا رَفَعْتُ إِنِّي قَدْ بَدَّنْتُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Mu'awiyah ibn AbuSufyan: The Prophet (ﷺ) said: Do not try to outstrip me in bowing and prostrating because however earlier I bow you will join me when I raise (my head from bowing); I have become bulky
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।