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सुनन अबू दाऊद

नंबर 599

नंबर 599किताब 2, नंबर 209
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ بْنِ مَيْسَرَةَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَجْلاَنَ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مِقْسَمٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ مُعَاذَ بْنَ جَبَلٍ، كَانَ يُصَلِّي مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم الْعِشَاءَ ثُمَّ يَأْتِي قَوْمَهُ فَيُصَلِّي بِهِمْ تِلْكَ الصَّلاَةَ ‏.‏
Jabir b. ‘Abd Allah said :Mu’adh b. Jabal would pray along with the Messenger of Allah (ﷺ)in the night prayer, then go and lead his people and lead them in the same prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।