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सुनन अबू दाऊद

नंबर 541

नंबर 541किताब 2, नंबर 151
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، قَالَ قَالَ أَبُو عَمْرٍو ح وَحَدَّثَنَا دَاوُدُ بْنُ رُشَيْدٍ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، - وَهَذَا لَفْظُهُ - عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ الصَّلاَةَ، كَانَتْ تُقَامُ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَيَأْخُذُ النَّاسُ مَقَامَهُمْ قَبْلَ أَنْ يَأْخُذَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Abu Hurairah reported:when the Iqamah was pronounced for prayer during the time of the Messenger of Allah (ﷺ), the people would take their seats before the prophet (ﷺ) came to his seat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (640) Sahih Muslim (605)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।