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सुनन अबू दाऊद

नंबर 526

नंबर 526किताब 2, नंबर 136
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا سَمِعَ الْمُؤَذِّنَ يَتَشَهَّدُ قَالَ ‏ "‏ وَأَنَا وَأَنَا ‏"‏ ‏.‏
‘A’ishah said that when the Messenger of Allah (ﷺ) heard the MU’ADHDHIN uttering the testimony, he would say:“And I too, and I too”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।