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सुनन अबू दाऊद

नंबर 524

नंबर 524किताब 2, नंबर 134
حَدَّثَنَا ابْنُ السَّرْحِ، وَمُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ حُيَىٍّ، عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ، - يَعْنِي الْحُبُلِيَّ - عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، أَنَّ رَجُلاً، قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ الْمُؤَذِّنِينَ يَفْضُلُونَنَا ‏.‏ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ قُلْ كَمَا يَقُولُونَ فَإِذَا انْتَهَيْتَ فَسَلْ تُعْطَهْ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Amr ibn al-'As: A man said: Messenger of Allah, the mu'adhdhins excel us. The Messenger of Allah (ﷺ) said: Say (the same words) as they say, and when you come to the end, make a petition and that will be granted to you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।