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सुनन अबू दाऊद

नंबर 518

नंबर 518किताब 2, नंबर 128
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، عَنِ الأَعْمَشِ، قَالَ نُبِّئْتُ عَنْ أَبِي صَالِحٍ، - قَالَ وَلاَ أُرَانِي إِلاَّ قَدْ سَمِعْتُهُ مِنْهُ، - عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِثْلَهُ ‏.‏
This tradition has also been transmitted through a different chain of narrators by Abu Hurairah who reported it in a similar manner from the Messenger of Allah (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।