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सुनन अबू दाऊद

नंबर 508

नंबर 508किताब 2, नंबर 118
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ، وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْمُبَارَكِ، قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ سِمَاكِ بْنِ عَطِيَّةَ، ح وَحَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، جَمِيعًا عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ أُمِرَ بِلاَلٌ أَنْ يَشْفَعَ، الأَذَانَ وَيُوتِرَ الإِقَامَةَ ‏.‏ زَادَ حَمَّادٌ فِي حَدِيثِهِ إِلاَّ الإِقَامَةَ ‏.‏
Anas reported; Bilal was commanded to pronounce Adhan in double pairs and IQAMAH in single pairs. Hammam added in his version; “except IQAMAH”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (605) Sahih Muslim (378)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।