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सुनन अबू दाऊद

नंबर 484

नंबर 484किताब 2, नंबर 94
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا الْفَرَجُ بْنُ فَضَالَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، قَالَ رَأَيْتُ وَاثِلَةَ بْنَ الأَسْقَعِ فِي مَسْجِدِ دِمَشْقَ بَصَقَ عَلَى الْبُورِيِّ ثُمَّ مَسَحَهُ بِرِجْلِهِ فَقِيلَ لَهُ لِمَ فَعَلْتَ هَذَا قَالَ لأَنِّي رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَفْعَلُهُ ‏.‏
Narrated Wathilah ibn al-Asqa': AbuSa'id said: I saw Wathilah ibn al-Asqa' in the mosque of Damascus. He spat at the mat and then rubbed it with his foot. He was asked: Why did you do so? He said: Because I saw the Messenger of Allah (ﷺ) doing so
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।