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सुनन अबू दाऊद

नंबर 446

नंबर 446किताब 2, नंबर 56
حَدَّثَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ الْفَضْلِ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، عَنْ حَرِيزٍ، - يَعْنِي ابْنَ عُثْمَانَ - عَنْ يَزِيدَ بْنِ صَالِحٍ، عَنْ ذِي، مِخْبَرِ بْنِ أَخِي النَّجَاشِيِّ فِي هَذَا الْخَبَرِ قَالَ فَأَذَّنَ وَهُوَ غَيْرُ عَجِلٍ ‏.‏
This tradition has also been transmitted through another chain of narrators by Dhu Mikhbar, the nephew of the Negus. This version adds:"He (Bilal) called for prayer unhurriedly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAl-Albani
  • ShadhMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।