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सुनन अबू दाऊद

नंबर 408

नंबर 408किताब 2, नंबर 18
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْعَنْبَرِيُّ، حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ أَبِي الْوَزِيرِ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ الْيَمَامِيُّ، حَدَّثَنِي يَزِيدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَلِيِّ بْنِ شَيْبَانَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، عَلِيِّ بْنِ شَيْبَانَ قَالَ قَدِمْنَا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم الْمَدِينَةَ فَكَانَ يُؤَخِّرُ الْعَصْرَ مَا دَامَتِ الشَّمْسُ بَيْضَاءَ نَقِيَّةً ‏.‏
Narrated Ali ibn Shayban: We came upon the Messenger of Allah (ﷺ) in Medina. He would postpone the afternoon prayer as long as the sun remained white and clear
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।