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सुनन अबू दाऊद

नंबर 402

नंबर 402किताब 2, नंबर 12
حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ خَالِدِ بْنِ مَوْهَبٍ الْهَمْدَانِيُّ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ الثَّقَفِيُّ، أَنَّ اللَّيْثَ، حَدَّثَهُمْ عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، وَأَبِي، سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ إِذَا اشْتَدَّ الْحَرُّ فَأَبْرِدُوا عَنِ الصَّلاَةِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ ابْنُ مَوْهَبٍ ‏"‏ بِالصَّلاَةِ فَإِنَّ شِدَّةَ الْحَرِّ مِنْ فَيْحِ جَهَنَّمَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah reported the Messenger of Allah (ﷺ) as saying:When the heat is violent, offer (the Zuhr) prayer when it becomes fairly cool, for the violent heat comes from the bubbling over the Hell
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (536) Sahih Muslim (615)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।