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सुनन अबू दाऊद

नंबर 400

नंबर 400किताब 2, नंबर 10
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبِيدَةُ بْنُ حُمَيْدٍ، عَنْ أَبِي مَالِكٍ الأَشْجَعِيِّ، سَعْدِ بْنِ طَارِقٍ عَنْ كَثِيرِ بْنِ مُدْرِكٍ، عَنِ الأَسْوَدِ، أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ مَسْعُودٍ، قَالَ كَانَتْ قَدْرُ صَلاَةِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الصَّيْفِ ثَلاَثَةَ أَقْدَامٍ إِلَى خَمْسَةِ أَقْدَامٍ وَفِي الشِّتَاءِ خَمْسَةَ أَقْدَامٍ إِلَى سَبْعَةِ أَقْدَامٍ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Mas'ud: The extent of the shadow when the Messenger of Allah prayed (the noon prayer) was three to five feet in summer and five to seven feet in winter
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।