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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1160

नंबर 1160किताब 2, नंबर 771
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، ح وَحَدَّثَنَا الرَّبِيعُ بْنُ سُلَيْمَانَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا رَجُلٌ، مِنَ الْفَرْوِيِّينَ - وَسَمَّاهُ الرَّبِيعُ فِي حَدِيثِهِ عِيسَى بْنَ عَبْدِ الأَعْلَى بْنِ أَبِي فَرْوَةَ - سَمِعَ أَبَا يَحْيَى عُبَيْدَ اللَّهِ التَّيْمِيَّ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّهُ أَصَابَهُمْ مَطَرٌ فِي يَوْمِ عِيدٍ فَصَلَّى بِهِمُ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم صَلاَةَ الْعِيدِ فِي الْمَسْجِدِ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The rain fell on the day of 'Id (festival) , so the Prophet (ﷺ) led them (the people) in the 'Id prayer in the mosque
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।