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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1128

नंबर 1128किताब 2, नंबर 739
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، أَخْبَرَنَا أَيُّوبُ، عَنْ نَافِعٍ، قَالَ كَانَ ابْنُ عُمَرَ يُطِيلُ الصَّلاَةَ قَبْلَ الْجُمُعَةِ وَيُصَلِّي بَعْدَهَا رَكْعَتَيْنِ فِي بَيْتِهِ وَيُحَدِّثُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَفْعَلُ ذَلِكَ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Umar: Nafi' said: Ibn Umar used to lengthen his prayer before the Friday prayer and would offer two rak'ahs after it in his house. He used to say that the Messenger of Allah (ﷺ) would do that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।