सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 1103

नंबर 1103किताब 2, नंबर 714
حَدَّثَنَا ابْنُ السَّرْحِ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ أُخْتٍ، لِعَمْرَةَ بِنْتِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ كَانَتْ أَكْبَرَ مِنْهَا بِمَعْنَاهُ ‏.‏
This tradition has also been transmitted to the same effect through a different chain of narrators by 'Umrah from her sister 'Umrah daughter of 'Abd al-Rahman who was older than her
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (872)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।