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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1088

नंबर 1088किताब 2, नंबर 699
حَدَّثَنَا النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنِ السَّائِبِ بْنِ يَزِيدَ، قَالَ كَانَ يُؤَذَّنُ بَيْنَ يَدَىْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا جَلَسَ عَلَى الْمِنْبَرِ يَوْمَ الْجُمُعَةِ عَلَى بَابِ الْمَسْجِدِ وَأَبِي بَكْرٍ وَعُمَرَ ‏.‏ ثُمَّ سَاقَ نَحْوَ حَدِيثِ يُونُسَ ‏.‏
Sa'id b. Yazid said:The call to the (Friday) prayer was made at the gate of the mosque in front of the Messenger of Allah (ﷺ) when he sat on the pulpit, and of Abu Bakr and 'Umar. The narrator then repeated the same tradition as reported by Yunus
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MunkarAl-Albani
  • MunkarMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।