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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1074

नंबर 1074किताब 2, नंबर 685
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ مُخَوَّلِ بْنِ رَاشِدٍ، عَنْ مُسْلِمٍ الْبَطِينِ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَقْرَأُ فِي صَلاَةِ الْفَجْرِ يَوْمَ الْجُمُعَةِ تَنْزِيلَ السَّجْدَةِ وَ ‏{‏ هَلْ أَتَى عَلَى الإِنْسَانِ حِينٌ مِنَ الدَّهْرِ ‏}‏ ‏.‏
Ibn ‘Abbas said:the Messenger of Allah (ﷺ) used to recite in the morning prayer on Friday Surah Tanzil al-Sajdah (xxxii.) and Surah al-Dahr(lxxi)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (879)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।