सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 1059

नंबर 1059किताब 2, नंबर 670
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ سُفْيَانُ بْنُ حَبِيبٍ خَبَّرَنَا عَنْ خَالِدٍ الْحَذَّاءِ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَبِي الْمَلِيحِ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ شَهِدَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم زَمَنَ الْحُدَيْبِيَةِ فِي يَوْمِ جُمُعَةٍ وَأَصَابَهُمْ مَطَرٌ لَمْ تَبْتَلَّ أَسْفَلُ نِعَالِهِمْ فَأَمَرَهُمْ أَنْ يُصَلُّوا فِي رِحَالِهِمْ ‏.‏
Narrated Usamah ibn Umayr al-Huzali: Usamah attended the Prophet (ﷺ) on the occasion of the treaty of al-Hudaybiyyah on Friday. The rain fell as little as the soles of the shoes of the people were not set. He (the Prophet) commanded them to offer Friday prayer in their dwellings
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।