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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1057

नंबर 1057किताब 2, नंबर 668
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا هَمَّامٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي الْمَلِيحِ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ يَوْمَ، حُنَيْنٍ كَانَ يَوْمَ مَطَرٍ فَأَمَرَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم مُنَادِيَهُ أَنِ الصَّلاَةُ فِي الرِّحَالِ ‏.‏
Narrated Usamah ibn Umayr al-Huzali: The rain was falling on the day when the Battle of Hunayn took place. The Prophet (ﷺ), therefore, commanded that the people should offer their prayer in their camps
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।