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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1052

नंबर 1052किताब 2, नंबर 663
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ حَدَّثَنِي عُبَيْدَةُ بْنُ سُفْيَانَ الْحَضْرَمِيُّ، عَنْ أَبِي الْجَعْدِ الضَّمْرِيِّ، - وَكَانَتْ لَهُ صُحْبَةٌ - أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ تَرَكَ ثَلاَثَ جُمَعٍ تَهَاوُنًا بِهَا طَبَعَ اللَّهُ عَلَى قَلْبِهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Al-Ja'd ad-Damri: The Prophet (ﷺ) said: He who leaves the Friday prayer (continuously) for three Friday on account of slackness, Allah will print a stamp on his heart
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।