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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1044

नंबर 1044किताब 2, नंबर 655
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي سُلَيْمَانُ بْنُ بِلاَلٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ أَبِي النَّضْرِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ صَلاَةُ الْمَرْءِ فِي بَيْتِهِ أَفْضَلُ مِنْ صَلاَتِهِ فِي مَسْجِدِي هَذَا إِلاَّ الْمَكْتُوبَةَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Zayd ibn Thabit: The Prophet (ﷺ) said: The prayer a man offers in his house is more excellent than his prayer in this mosque of mine except obligatory prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (6113) Sahih Muslim (781)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।