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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1039

नंबर 1039किताब 2, नंबर 650
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ فَارِسٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنِي أَشْعَثُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ خَالِدٍ، - يَعْنِي الْحَذَّاءَ - عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَبِي الْمُهَلَّبِ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم صَلَّى بِهِمْ فَسَهَا فَسَجَدَ سَجْدَتَيْنِ ثُمَّ تَشَهَّدَ ثُمَّ سَلَّمَ ‏.‏
Narrated Imran ibn Husayn: The Prophet (ﷺ) led them in prayer and forgot something, so he made prostrations and uttered the tashahhud, then gave the salutation
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • ShadhMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।