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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1005

नंबर 1005किताब 2, नंबर 616
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ عَبْدِ الْحَمِيدِ، عَنْ عَاصِمٍ الأَحْوَلِ، عَنْ عِيسَى بْنِ حِطَّانَ، عَنْ مُسْلِمِ بْنِ سَلاَّمٍ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ طَلْقٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا فَسَا أَحَدُكُمْ فِي الصَّلاَةِ فَلْيَنْصَرِفْ فَلْيَتَوَضَّأْ وَلْيُعِدْ صَلاَتَهُ ‏"‏ ‏.‏
‘Ali b. Talq reported the Messenger of Allah (ﷺ) as saying:When any of you breaks wind during prayer, he must withdraw, perform ablution, and repeat the prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।