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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2873

नंबर 2873किताब 18, नंबर 12
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مُحَمَّدٍ الْمَدِينِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ خَالِدِ بْنِ سَعِيدِ بْنِ أَبِي مَرْيَمَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ بْنِ رُقَيْشٍ، أَنَّهُ سَمِعَ شُيُوخًا، مِنْ بَنِي عَمْرِو بْنِ عَوْفٍ وَمِنْ خَالِهِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي أَحْمَدَ قَالَ قَالَ عَلِيُّ بْنُ أَبِي طَالِبٍ حَفِظْتُ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يُتْمَ بَعْدَ احْتِلاَمٍ وَلاَ صُمَاتَ يَوْمٍ إِلَى اللَّيْلِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Ali ibn AbuTalib: I memorised (a tradition) from the Messenger of Allah (ﷺ): There is no orphanhood after puberty, and there is no silence for the whole day till the night
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · Wills (Kitab Al-Wasaya)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।