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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2860

नंबर 2860किताब 17, नंबर 17
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عِيسَى، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ، حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ الْحَكَمِ النَّخَعِيُّ، عَنْ عَدِيِّ بْنِ ثَابِتٍ، عَنْ شَيْخٍ، مِنَ الأَنْصَارِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَى مُسَدَّدٍ قَالَ ‏"‏ وَمَنْ لَزِمَ السُّلْطَانَ افْتُتِنَ ‏"‏ ‏.‏ زَادَ ‏"‏ وَمَا ازْدَادَ عَبْدٌ مِنَ السُّلْطَانِ دُنُوًّا إِلاَّ ازْدَادَ مِنَ اللَّهِ بُعْدًا ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Prophet (ﷺ) said: He said: He who sticks to a king is perverted. This version adds: The nearer a servant (of Allah) goes to a king, the farther he keeps away from Allah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · Game (Kitab Al-Said)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।